सूचना का अधिकार अधिनियम

भारत सरकार ने सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 (http//www.persmin.nic.in) बनाया है जो 13 अक्तूबर 2005 से लागू हो गया है । इस अधिनियम के अंतर्गत सूचना का अधिकार सार्वजनिक प्राधिकरणों में पारदर्शिता और जिम्मेदारी बढ़ाने के लिए इन प्राधिकरणॉ नियंत्रण में रहने वाली सूचना तक भारतीय नागरिकों की पहुँच के लिए एक साधन है । इस अधिनियम की धारा 8 और 9 में सूचना की कतिपय श्रेणियां दी गयी है जिन्हें प्रकटीकरण से छूट दी गयी है । इस अधिनियम में एक मुख्य जनसूचना अधिकारी नियुक्त करने की व्यवस्था भी की गयी है जो सूचना के अनुरोधों का कार्य देखेगा ।

इस अधिनियम के अंतर्गत निक्षेप बीमा और प्रत्यय गारंटी निगम का दायित्व

निक्षेप बीमा और प्रत्यय गारंटी निगम एक सार्वजनिक प्राधिकरण है जैसा कि सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 में परिभाषित है । इस प्रकार, निक्षेप बीमा और प्रत्यय गारंटी निगम का यह दायित्व है कि वह जनसाधारण को सूचना उपलब्ध कराए ।

निक्षेप बीमा और प्रत्यय गारंटी निगम से सूचना प्राप्त करना

निक्षेप बीमा और प्रत्यय गारंटी निगम में एक सुस्थापित संप्रेषण नीति है । इसके अंतर्गत निक्षेप बीमा और प्रत्यय गारंटी निगम नियमित रुप से बीमा के विभिन्न तथ्यों से संबंधित जानकारी पब्लिक डोमेन के माध्यम से जारी करना है ।
इसके वेबसाइट पर नेमी रुप से प्रसारित की जाने वाली सूचना और आंकड़े इसकी वेबसाइट (www.dicgc.org.in) पर उपलब्ध है ।
निक्षेप बीमा और प्रत्यय गारंटी निगम से पहले से ही उपलब्ध जानकारी निम्नानुसार है :

वार्षिक प्रकाशन

वार्षिक रिपोर्ट

वार्षिक रिपोर्ट निक्षेप बीमा और प्रत्यय गारंटी निगम का सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज़ है जो प्रतिवर्ष जारी किया जाता है । इसमें भारतीय अर्थव्यवस्था का मूल्यांकन और संभावनाएं भी प्रस्तुत की जाती है । यह निगम की कर्यपद्धति और तुलन पत्र तथा लेखा सम्बन्धी निगम के निदेशक बोर्ड की रिपोर्ट है ।

वार्षिक रिपोर्ट निक्षेप बीमा और प्रत्यय गारंटी निगम के वित्तीय वर्ष (अप्रैल-जून) से संबंधित सांविधिक दस्तावेज है और यह मई/जून में जारी किया जाता है ।

पुस्तिकाएं

निक्षेप बीमा और प्रत्यय गारंटी निगम सभी बैंकों को उनके पंजीकरण के समय जमा बीमा प्रीमियम संबंधी एक पुस्तिका (बुकलेट) और पोस्टर की एक प्रतिलिपि प्रेषित करता है । यह पुस्तिका जमाकर्ता को बैंक के साथ रखी गयी उनकी जमाराशि की सुरक्षा से संबंधित आवश्यक आश्वासन के साथ जमाकर्ता को परिचित कराने के लिए प्रेषित की जाती है । जमा बीमा संबंधी पुस्तिका जमाकर्ताओं को उपलब्ध की जाती है और प्रत्यक शाखा के परिसर में प्रमुख स्थान पर प्रदर्शित किया जाता है ।
निक्षेप बीमा और प्रत्यय गारंटी निगम का एक सक्रिय वेब पेज ( URL: http://www.dicgc.org.in ) है । निगम द्वारा जारी सभी जानकारी वेबसाइट पर एक साथ जारी की जाती है । नियमित रुप से वेब पेज को अद्यतन किया जाता है ।

निगम निर्णय लेने की प्रक्रिया में बेहतर पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से पब्लिक डोमेन पर अधिक से अधिक जानकारी जारी करने हेतु प्रतिबध्द है ।

डिस्क्लोजर लॉग

निक्षेप बीमा और प्रत्यय गारंटी निगम यदि यह समझता है कि विशिष्ट जानकारी सामान्य जनता के हित की हो सकती है, तो सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के अंतर्गत प्राप्त अनुरोधों की प्रतिक्रिया में जारी सभी जानकारी भी अपनी वेबसाइट पर रखेगा ।

आपके सुझाव

यदि आपको ऐसा लगता है कि निक्षेप बीमा और प्रत्यय गारंटी निगम द्वारा पहले जारी की गयी जानकारी के अलावा उसे और कोई जानकारी जारी करनी चाहिए तो कृपया (cpiodicgc@rbi.org.in) पर हमें अपने सुझाव प्रेषित करें। तथापि, यदि आपको तदर्थ आधार पर किसी विशिष्ट जानकारी की आवश्यकता हो, तो आप सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के अंतर्गत आवेदन कर सकते हैं । इस बात पर बल लेना जरुरी है कि यह प्रणाली केवल जानकारी प्राप्त करने के लिए बनायी गयी है और न कि शिकायतें करनें के लिए ।

सूचना का अधिकारी अधिनियम, 2005 के अंतर्गत आवेदन करना

भारतीय नागरिकों को सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के अंतर्गत मांगी जाने वाली विशिष्ट जानकारी का स्पष्ट रुप से उल्लेख करते हुए सुचना के लिए लिखित अनुरोध करना होगा । अनुरोध आवेदन में संपर्क के विवरण (डाक पता, टेलीफोन संख्या, फैक्स संख्या, ई-मेल पता) दिये जाने होंगे ताकि स्पष्टीकरण या सूचना के लिए आवेदक से संपर्क किया जा सकता है । चूंकि अधिनियम के अनुसार, सूचना केवल भारतीय नागरिकों को दी जा सकती है आपको अपना नागरिकत्व भी बताना होगा ।

भारतीय नागरिकों को सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के अंतर्गत मांगी जाने वाली विशिष्ट जानकारी का स्पष्ट रुप से उल्लेख करते हुए सुचना के लिए लिखित अनुरोध करना होगा । अनुरोध आवेदन में संपर्क के विवरण (डाक पता, टेलीफोन संख्या, फैक्स संख्या, ई-मेल पता) दिये जाने होंगे ताकि स्पष्टीकरण या सूचना के लिए आवेदक से संपर्क किया जा सकता है । चूंकि अधिनियम के अनुसार, सूचना केवल भारतीय नागरिकों को दी जा सकती है आपको अपना नागरिकत्व भी बताना होगा ।

मैं अपना आवेदन कैसे भेजूं ?

भारत सरकार द्वारा निर्धारित सूचना का अधिकार (शुल्क और लागत विनियम) नियम 2005 के अनुसार :

सूचना का अधिकार अधिनियम की धारा 6(1) के अंतर्गत प्राप्त की जाने वाली सूचना के अनुरोध के साथ 10 रुपये के आवेदन शुल्क का होना जरुरी है । इसे नकद रूप में दिया जा सकता है , जिसकी पावती मिलेगी या मांग ड्राफ्ट या बैंकर के चेक द्वारा भुगतान किया जा सकता है, जो सार्वजनिक प्राधिकरण के लेखा अधिकारी का देय हो ।

आप अपना अनुरोध, डाक द्वारा 10 रुपये के आवेदन शुल्क जो मांग ड्राफ्ट या निक्षेप बीमा और प्रत्यय गारंटी निगम के नाम पर आहरित बैंकर चेक द्वारा देय हो, के साथ भेज सकते है । आवेदन के साथ शुल्क का भुगतान नकद में किया जा सकता है । आवेदन फैक्स या ई-मेल द्वारा भी भेजे जा सकते हैं । इन मामलों में निगम आवेदन की प्राप्ति-सूचना देगा और आवेदन को क्रम संख्या देगा तथा कितने शुल्क का भुगतान किया जाना है, उसके बारे में आवेदक को क्रम संख्या देगा तथा कितने शुल्क का भुगतान किया जाना है, उसके बारे में आवेदक को सूचित करेगा । आवेदक को चाहिए कि आवेदन की क्रम संख्या का उल्लेख करते हुए आवेदन शुल्क भेजे । निक्षेप बीमा और प्रत्यय गारंटी निगम आवेदन शुल्क की प्राप्ति के बाद ही अधिनियम की आवश्यकतानुसार आवेदन पर विचार करेगा ।

मैं अपना अनुरोध कहाँ भेजूं ?

आप अपना अनुरोध निम्नलिखित पते पर भेज सकते हैं :-

सीपीआईओ :
क्रम सं. पदनाम नाम और पता दूरभाष फैक्स
1
मुख्य लोक सूचना अधिकारी (सीपीआईओ)
dicgc@rbi.org.in

(श्रीमती) कुमुदिनी हाजरा,
निदेशक,
निक्षेप बीमा और प्रत्यय गारंटी निगम
भारतीय रिज़र्व बैंक
दूसरी मंजिल
मुंबई सेंट्रल रेलवे स्टेशन के सामने भायखला,
मुंबई – 400 008

022- 2301 9570

022- 2301 8165

2.
वैकल्पिक मुख्य लोक सूचना अधिकारी (एसीपीआईओ)
dicgc@rbi.org.in

श्री राजेश कुमार
उप महाप्रबंधक
निक्षेप बीमा और प्रत्यय गारंटी निगम
भारतीय रिज़र्व बैंक
दूसरी मंजिल
मुंबई सेंट्रल रेलवे स्टेशन के सामने भायखला,
मुंबई – 400 008

022- 2302 1146

022- 2301 8165

निक्षेप बीमा और प्रत्यय गारंटी निगम सूचना कितने समय में प्रदान करेगा

अनुरोधकर्ता से शुल्क के साथ सूचना प्राप्त करने के लिए आवेदन की प्राप्ति के बाद निक्षेप बीमा और प्रत्यय गारंटी निगम 30 दिन के भीतर अनुरोधकर्ता को यह सूचित करेगा कि क्या वह सूचना दे सकता है या नहीं दे सकता ।

क्या सूचना प्राप्त करने के लिए मुझे परिश्रमिक देना होगा ?

सूचना का अधिकार (शुल्क और लागत का विनियम) नियम, 2005 के अनुसार सरकारी अधिकारी निम्नानुसार प्रभार वसूल करेंगे -

  • - बनाये गये या कॉपी किये गये हर पृष्ठ (ए-4 या ए-3 आकार का कागज़) के लिए 2 रुपये
  • - बड़े आकार के कागज में कॉपी का वास्तविक मूल्य या लागत मूल्य
  • - नमूनों या मॉडलों के लिए वास्तविक मूल्य या कीमत और
  • - अभिलेखों के निरीक्षण के लिए पहले घंटे के लिए कोई शुल्क नहीं बाद में हर 15 मिनटों (या उसके बाद के खंड के लिए) 5 रुपये का शुल्क
  • - इसके अलावा सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 7(5) के अंतर्गत सूचना देने के लिए सरकारी अधिकारी निम्नानुसार प्रभार वसूल करेंगे -
  • - प्रति डिस्केट या फ्लापी के लिए 50 रुपये और
  • - मुद्रित रुप में दी जानेवाली सूचना के लिए इस तरह के प्रकाशन के लिए निर्धारित मुल्य या प्रकाशन से उध्दरणों के लिए फोटोकॉपी के प्रति पृष्ठ के लिए 2 रुपये ।

मुझे इस मूल्य का भुगतान किस चरण पर करना होगा ?

यदि निक्षेप बीमा और प्रत्यय गारंटी निगम के पास सूचना उपलब्ध है और यथोचित शुल्क के साथ आवेदन की प्राप्ति के 30 दिन के भीतर वह आपको सूचना दे सकता है तो सूचना का अधिकारी अधिनियम की धारा 7(1) के अंतर्गत निर्धारित किये अनुसार सूचना देने की लागत के बारें में वह आपको सूचित करेगा ।

मुझे सूचना कब प्राप्त होगी ?

निक्षेप बीमा और प्रत्यय गारंटी निगम को सूचना जानकारी सूचना देने के लिए भुगतान प्राप्त होने के बाद आपका जानकारी प्रदान की जाएगी ।

क्या निक्षेप बीमा और प्रत्यय गारंटी निगम मुझे सूचना देन से इन्कार कर सकता है ?

सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 8 और 9 सूचना की कतिपय श्रेणियों को प्रकटीकरण से छूट देती है । इनमें निम्नलिखित शामिल है -

  • - ऐसी सूचना, जिसके प्रकटीकरण से भारत की प्रभुता और अंखडता, राज्य की सुरक्षा रणनीतिगत, वैज्ञानिक या आर्थिक हित, विदेशी राज्य के साथ संबंध प्रतिकूलत: प्रभावित होंगे या किसी अपराध के लिए उत्तेजन मिलेगा ।
  • - ऐसी सूचना, जिसे किसी न्यायालय या अधिकरण द्वारा प्रकाशित करने के लिए स्पष्ट रुप से मना कर दिया गया है या ऐसी किसी बात का प्रकटीकरण जिससे न्यायालय का अवमान हो सकता हो ।
  • - ऐसी सूचना, जिसके प्रकटीकरण से संसद या राज्य विधानमंडल के विशेषाधिकार का उल्लंघन होता हो ।
  • - वाणिज्यिक गोपनीयता, व्यापारिक गुप्तता या बौध्दिक संपदा सहित ऐसी सूचना जिसे प्रकट करने से अन्य व्यक्ति की प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति को हानि पहुंच सकती है, जब तक सक्षम प्राधिकारी इस बात से संतुष्ट न हो कि इस तरह की सूचना का प्रकटीकरण अधिकांश जनता के हित में है।
  • - किसी व्यक्ति को उसके विश्वास संबंधो से उपलब्ध सूचना, जब तक सक्षम प्राधिकारी इस बात से संतुष्ट न हो कि इस तरह की सूचना का प्रकटीकरण अधिकांश जनता के हित में है ।
  • - विदेशी सरकार से गोपनीय रुप से प्राप्त सूचना ऐसी सूचना जिसके प्रकटीकरण से किसी व्यक्ति के जीवन को या शारीरिक सुरक्षा को खतरा पहुंच सकता हो या कानून लागू करने या सुरक्षा प्रयोजनों के लिए गोपनीय रुप से दिये गये सूचना या सहायता श्रोत की पहचान करता हो ।
  • - ऐसी सूचना जो छानबीन या गिरफ्तारी या मुज़रिम पर मुक़दमा चलाने की प्रक्रिया में बाधा डालेगी ।
  • - मंत्रीमंडल के कागज़ात, जिसमें मंत्री, सचिव और अन्य अधिकारी परिषद की चर्चाओं के अभिलेखों का समावेश हो ।
  • - वैयक्ति जानकारी से संबंधित ऐसी सूचना जिसके प्रकटीकरण का किसी सार्वजनिक गतिविधि या हित से कोई संबंध नहीं है, या जिसके कारण व्यक्तिगत गोपनीयता को अवांछित क्षति पहुंचती हो ।

क्या मुझे अपील करने का अधिकार है ?

सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के अंतर्गत यदि आप निगम द्वारा दी गयी जानकारी या आपके द्वारा अनुरोध की गयी जानकारी न देने के उसके निर्णय से संतुष्ट नहीं है, तो आपको अपील करने का अधिकार है ।

मुझे अपना अपील किसे संबोधित करना होगा ?

आप अपना अपील निम्नलिखित को संबोधित कर सकते हैं :

श्री एम.के.सामंतरे
महाप्रबंधक / अपीलीय प्राधिकारी
सूचना का अधिकार अधिनियम खण्ड
निक्षेप बीमा और प्रत्यय गारंटी निगम
भारतीय रिज़र्व बैंक बिल्डिंग, (दूसरी मंजिल)
मुंबई सेंट्रल रेल्वे स्टेशन के सामने
भायखला, मुंबई - 400 008


श्री एन.के.भाटिया
महाप्रबंधक / अपीलीय प्राधिकारी
सूचना का अधिकार अधिनियम खण्ड
निक्षेप बीमा और प्रत्यय गारंटी निगम
भारतीय रिज़र्व बैंक बिल्डिंग, (दूसरी मंजिल)
मुंबई सेंट्रल रेल्वे स्टेशन के सामने
भायखला,  मुंबई - 400 008

यदि मैं अपील प्राधिकारी के निर्णय से संतुष्ट न हुआ तो मैं क्या कर सकता हूँ ?

अधिनियम के अंतर्गत यदि आप निगम के अपील प्राधिकारी के निर्णय से संतुष्ट नहीं है, तो आप सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के अध्याय 3 के अनुसार केद्रीय सूचना आयुक्त के पास अपील कर सकते हैं ।

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